क्या आप Ishq Shayari in Hindi की तलाश में थे, तो आपकी तलाश यहाँ पर पूरी होती हैं। आपका स्वागत हैं हमारी ShayariKhajana.Com वेबसाइट में। इस पोस्ट में आपको सबसे बढ़िया Ishq Shayari in Hindi में मिल जाएगी। जो न सिर्फ आपके इश्क, प्यार को गहरा और मजबूत करती हैं, बल्कि प्यार का इज़हार भी करती हैं।
यहाँ पर हम Ishq Shayari in Hindi की आजतक की सबसे बेस्ट कलेक्शन शेयर करने जा रहे है जिसमे आपको Romantic Ishq Shayari, इश्क शायरी दो लाइन, सच्चा इश्क़ शायरी, इश्क करने वाली शायरी मिल जाएगी। जिसे आप अपने किसी खास को अपने प्यार को भेज कर अपने दिल बात बता सकते हैं, और आप Ishq Shayari को इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सप्प में भी शेयर कर सकते हैं।
Contents
Ishq Shayari in Hindi

मैं चाहता था,
मेरे साथ कोई हादसा हो,
और फिर इश्क हो गया मुझको..!
Me Chahta Tha,
Mere Sath Koi Hadsa Ho,
Aur Fir Ishq Ho Gaya Mujko..!
वो पूँछतें हैं की हमे क्या हुआ है,
अब हम उनसे कैसे कहे,
उनसे इश्क हुआ है..!
Wo Poochte Hai Ki Hume Kya Hua Hai,
Ab Hum Unse Kaise Kahe,
Unse Ishq Hua Hai..!

मैने दिल के दरवाजे पर,
लिखा था अंदर आना मना है,
इश्क मुस्कुराता हुआ बोला,
माफ करना में अंधा हूं..!
Mene Dil Ke Darwaze Par,
Likha Tha Andar Aana Mana Hai,
Ishq Muskurata Hua Bola,
Maaf Karna Me Andha Hoo..!
गुनाह समझो या इश्क,
जो भी था बस एक ही था..!
Gunah Samjo Ya Ishq,
Jo Bhi Tha Bas Ek Hi Tha..!

इश्क तो बस चंद मिनटों का है,
बाकी तो खुमारी है,
जो गुस्से में निकलती हैं..!
Ishq To Bas Chand Minato Ka Hai,
Baki To Khumari Hai,
Jo Gusse Me Nikalti Hai..!
इश्क करो तो शिद्दत से करो,
मिलना बिछड़ना तो एक दिन जाहिर है..!
Ishq Karo To Shiddat Se Karo,
Milna Bichhadna To Ek Din Zahir Hai..!

ख़ुद से भी बढ़कर मैने तेरी चाहत की है,
प्यार नहीं, इश्क़ नहीं,
इबादत की है..!
Khud Se Bhi Badkar Mene Teri Chahat Ki Hai,
Pyar Nahi, Ishq Nahi,
Ibadat Ki Hai..!
बेवजह नहीं रोता कोई इश्क़ में ग़ालिब,
जिसे खुद से बढ़कर चाहो,
वह रुलाने का दम रखता है..!
Bevajah Nahi Rota Koi Ishq Me Ghalib,
Jise Khud Se Badkar Chaho,
Vah Rulane Ka Dum Rakhta Hai..!
रोमांटिक इश्क शायरी

वो अच्छे हैं तो बेहतर है,
बुरे है तो भी कुबूल हैं,
मिजाज-ए-इश्क में ऐब-ओ-हुनर,
देखे नहीं जाते..!
Wo Acche He To Behtar Hai,
Bure Hai To Bhi Qubool Hai,
Mizaaj-E-Ishq Me Aib-O-Hunar,
Dekhe Nahi Jate..!
इतनी गुमान किस पर ऐ दिल,
तुम्हे तोड़ेंगे तो दोनो,
इश्क हो या दोस्ती,
तुम्हे छोड़ेंगे तो दोनो..!
Itni Guman Kis Par Ae Dil,
Tumhe Todenge To Dono,
Ishq Ho Ya Dosti,
Tumhe Chhodenge To Dono..!

मैं लड़की हूँ अच्छी,
लेकिन इश्क़ के काबिल नहीं,
करती हूँ इश्क़ और,
सलाह इश्क़ से दूर रहने की देती हूँ..!
Me Ladki Hoo Achhi,
Lekin Ishq Ke Kabil Nahi,
Karti Hoo Ishq Aur,
Salah Ishq Se Door Rehne Ki Deti Hoo..!
ये इश्क उम्र भर
ऐसा असर छोड़ जाता है,
कभी तनहाई,
तो कभी ख्वाब बन कर तड़पाता है..!
Ye Ishq Umr Bhar
Aisa Asar Chhod Jata Hai,
Kabhi Tanhai,
To Kabhi Khwab Ban Kar Tadpata Hai..!

बेचैनी बढ़ जाएगी,
और याद किसी की आएगी,
तुम मेरी ग़ज़लें गाओगे,
जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा..!
Becheni Badh Jayegi,
Aur Yaad Kisi Ki Aayegi,
Tum Meri Ghazle Gavoge,
Jab Ishq Tumhe Ho Jayega..!
जन्नत-ए-इश्क में,
हर बात अजीब होती है,
किसी को आशिकी तो,
किसी को शायरी नसीब होती है..!
Jannat-A-Ishq Me,
Har Baat Ajeeb Hoti Hai,
Kisi Ko Aashiqui To,
Kisi Ko Shayari Naseeb Hoti Hai..!

बाजार के सारे इत्रो की खुशबू,
आज कम पड गयी,
जब मेरा इश्क मेरे गले से लगा..!
Bazar Ke Sare Itro Ki Khushboo,
Aaj Kam Pad Gayi,
Jab Mera Ishq Mere Gale Se Laga..!
मैंने उनसे थोड़ा सा इश्क क्या माँगा,
उन्होंने चाय बना कर सामने रख दी..!
Mene Unse Thoda Sa Ishq Kya Manga,
Unhone Chai Bana Kar Samne Rakh Di..!
इश्क शायरी दो लाइन

ताउम्र जलते रहें हैं,
धीमी आंच पर इसलिए,
चाय और इश्क़ दोनों मशहूर हुए..!
Ta-Umr Jal-te Rahe Hai,
Dheemi Aanch Par Isliye,
Chai Aur Ishq Dono Mashhoor Hue..!
जुड़े दो तो इक हो जाये,
घटे तो शून्य,
बस इतना हिसाब आता है,
इश्क़ में हमे..!
Jude Do To Ek Ho Jaye,
Ghate To Shunya,
Bas Itna Hisab Aata Hai,
Ishq Me Hume..!

तो फिर कहो कि तुम्हें इश्क है हमसे,
हम तुम्हें निहारेंगे नजर थकने तक..!
To Fir Kaho Ki Tumhe Ishq Hai Humse,
Hum Tumhe Niharenge Nazar Thakne Tak..!
इश्क में सब कुछ कुबूल,
फिर वो चाहे दर्द दे या सुकून..!
Ishq Me Sab Kuch Qubool,
Fir Wo Chahe Dard De Ya Sukoon..!

अल्फाजों में तुम,
इश्क बरसाने लगे हो लगता है,
अंज़ाम से गुमनाम होने लगे हो..!
Alfazo Me Tum,
Ishq Barsane Lage Ho Lagta Hai,
Anjam Se Gumnaam Hone Lage Ho..!
माना जिंदगी में इश्क से बड़ा,
कोई रोग नहीं है,
लेकिन इश्क से बेहतर कोई
मरहम भी नहीं है..!
Mana Zindagi Me Ishq Se Bada,
Koi Rog Nahi Hai,
Lekin Ishq Se Behtar Koi
Marham Bhi Nahi Hai..!

जिंदगी है चार दिन की,
कुछ भी ना गिला कीजिए,
दवा…जहर…जाम…इश्क,
जो मिले मजा लीजिए..!
Zindagi Hai Chaar Din Ki,
Kuch Bhi Na Gila Kijiye,
Dawa…Zahar…Jam…Ishq,
Jo Mile Maza Lijiye..!
इश्क़ को हसीन बताने वालों लगता है,
तुम्हारी मोहब्बत अभी नई नई है..!
Ishq Ko Haseen Batane Walo Lagta Hai,
Tumhari Mohabbat Abhi Nai Nai Hai..!
सच्चा इश्क़ शायरी

वो पागल इश्क़ कर बैठा है,
मुजसे कोई बताओ उसे सिरफिरी हूँ मैं..!
Wo Pagal Ishq Kar Betha Hai,
Mujse Koi Batao Use Sirfiri Hoo Me..!
इसी खूबसूरत से नाम ने ही,
बरबाद कर रखा है वरना,
इश्क के पहले जख़्मी ही कौन था..!
Isi Khoobsurat Se Naam Ne Hi,
Barbaad Kar Rakha Hai Varna,
Ishq Ke Pehle Zakhmi Hi Kon Tha..!

एक चेहरे पर सिमट कर,
रह गए जो लड़के,
इश्क़ मे सबसे पहले,
उन्हें ही छोड़ा गया..!
Ek Chehre Par Simat Kar,
Reh Gaye Jo Ladke,
Ishq Me Sabse Pehle,
Unhe Hi Chhoda Gaya..!
शायरी उसी के लबों पर,
सजती है साहेब,
जिसकी आँखों में इश्क रोता हो..!
Shayari Usi Ke Labo Par,
Sajti Hai Saheb,
Jiski Aankho Me Ishq Rota Ho..!

कलम पूछती है,
कागज़ से बता के क्या लिखूँ,
इश्क को इश्क ही रहने दूँ,
के तुझे खुदा लिखूँ..!
Kalam Poochti Hai,
Kagaz Se Bata Ke Kya Likhu,
Ishq Ko Ishq Hi Rehne Doo,
Ke Tuje Khuda Likhu..!
इश्क़ खूबसूरत है,
कोई गुनाह नही,
इससे जुदा तो खुदा भी नही..!
Ishq Khoobsurat Hai,
Koi Gunah Nahi,
Isse Juda To Khuda Bhi Nahi..!

जो तू बन जाय दवा इश्क़ की तो,
मैं मोहब्बत में बीमार होने को तैयार हूँ..!
Jo Tu Ban Jaye Dawa Ishq Ki To,
Me Mohabbat Me Beemar Hone Ko Tayyar Hoo..!
वो मेरा इश्क है,
मोहब्बत है, इबादत है,
मैं छोड़ना चाहती हूं,
उसे पर वो छूट नहीं पाता,
ये कैसी मेरी आदत है..!
Wo Mera Ishq Hai,
Mohabbat Hai, Ibaadat Hai,
Me Chhodna Chahti Hoo,
Use Par Wo Chhoot Nahi Pata,
Ye Kaisi Meri Aadat Hai..!
सूफी इश्क शायरी
सुदामा सा है कुछ मेरा इश्क,
कुछ कहता भी नही,
कुछ मांगता भी नही..!
Sudama Sa Hai Kuch Mera Ishq,
Kuch Kehta Bhi Nahi,
Kuch Mangta Bhi Nahi..!
जो उम्र भर ना मिल सके,
उसे उम्र भर चाहना इश्क़ है..!
Jo Umr Bhar Na Mil Sake,
Use Umr Bhar Chahna Ishq Hai..!
किस बात का कैसा सज़ा दिया ये इश्क,
ना जीना रास आया ना मरना..!
Kis Baat Ka Kaisa Saza Diya Ye Ishq,
Na Jeena Raas Aaya Na Marna..!
हमको तुम्हारे इश्क ने क्या क्या बना दिया,
जब कुछ ना बन सकें तो तमाशा बना दिया..!
Humko Tumhare Ishq Ne Kya Kya Bana Diya,
Jab Kuch Na Ban Sake To Tamasha Bana Diya..!
तबाह होकर भी तबाही दिखती नही,
ये इश्क हे दोस्त इसकी दवाई बिकती नही..!
Tabah Hokar Bhi Tabahi Dikhti Nahi,
Ye Ishq Hai Dosto Iski Dawaai Bikti Nahi..!
मुझको पढ़ने वाले,
कहीं मेरी राह ना चुन ले,
आख़री पन्नें पे लिख देना,
की हम इश्क़ हार गये थे..!
Mujko Padhne Wale,
Kahi Meri Raah Na Chun Le,
Aakhri Panne Pe Likh Dena,
Ki Hum Ishq Haar Gaye The..!
मजबूरी तुम्हारी थी अकेली मैं रह गयी,
इश्क पूरा करके भी अधूरी मैं रह गयी..!
Majboori Tumhari Thi Akeli Me Rah Gayi,
Ishq Pura Karke Bhi Adhoori Me Rah Gayi..!
हुए बदनाम मगर फिर भी न सुधर पाए हम,
फिर वही शायरी, फिर वही इश्क,
फिर वही तुम..!
Hua Badnaam Magar Fir Bhi Na Sudhar Paye Hum,
Fir Wahi Shayari, Fir Wahi Ishq,
Fir Wahi Tum..!
हम प्रोफेसर रह चुके इश्क मे,
आप अभी नये है तैयारी कीजिये..!
Hum Professor Rah Chuke Ishq Me,
Aap Abhi Naye Hai Taiyari Kijiye..!
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